संघर्षनामा वृत्तसेवा ।श्रीगोंदा
दि . १८ जनवरी २०२६
नाशिक प्रतिनिधी,
श्रीगोंदा निवासी स्वर्गवासी श्रीमान भागचंदजी भिकंदाजी गांधी की धर्मपत्नी, स्वर्गवासी श्रीमान सुभाषलालजी तथा श्रीमान रमेशलालजी गांधी की माताजी एवं आनंद, सचिन व सूरज की पूज्य दादी श्रीमती गुलाबबाई भागचंदजी गांधी ने जैन धर्म की सर्वोच्च तपस्या मानी जाने वाली संथारा (सल्लेखना) व्रत को श्रद्धा, संयम और शांत भाव से स्वीकार किया।
उन्होंने पुण्यशिलाजी महाराज साहेब, नाशिक (सातपूर) के सान्निध्य में दिनांक 9 अप्रैल 2025 को रात्रि 9:30 बजे संथारा व्रत धारण किया। धर्म, त्याग और वैराग्य की भावना के साथ उन्होंने आत्मकल्याण का यह पवित्र मार्ग स्वीकार किया।
इसके पश्चात दिनांक 10 अप्रैल 2025 को सायं 6:15 बजे संथारा व्रत की पूर्ण आहुति हुई। इस दौरान परिवारजनों, श्रद्धालुओं एवं समाजबंधुओं में शोक के साथ-साथ आध्यात्मिक शांति और धर्मभावना का वातावरण देखने को मिला।
श्रीमती गुलाबबाई गांधी का संपूर्ण जीवन धार्मिक, सात्विक एवं संस्कारयुक्त रहा। उनके द्वारा संथारा व्रत स्वीकार करना समाज के लिए प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय माना जा रहा है।
उनके दर्शन हेतु सभी श्रद्धालुजन लाभ ले सकते हैं, ऐसी जानकारी परिवार की ओर से दी गई है।
संपर्क व पता :
आशा कटारिया
बी-19, समर्थ एम्पायर,
खुटवड नगर,
आई.टी.आई. ब्रिज के पास, सातपूर, नाशिक – 422007
मोबाईल : 9762611473
आगे की सूचना पुनः दी जाएगी, ऐसा परिवार की ओर से बताया गया